एक हरा फाख्ता मौन-सा

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डॉ गौरांग मोहान्त का जन्म 1962 में बांग्लादेश के लालमोनीरहाट में हुआ। उन्होंने ढाका विश्वविद्यालय से बीए (ऑनर्स) और अंग्रेजी में एमए की शिक्षा ग्रहण की । फिर उत्तर बंगाल विश्वविद्यालय (भारत) से अंग्रेजी साहित्य में पीएचडी की। उनका पहला कविता संग्रह, ‘अधिप्रांतर ज्यूर छायासारिर’ (A Shadowy Figure Pervades the Agonized Prairie ) तथा शोध कार्य, ‘रॉबर्ट फ्रॉस्ट: प्रमुख छवियों और प्रतीकों में आलोचनात्मक अध्ययन’ (Robert Frost: A Critical Study in Major Images and Symbols ) 200 9 में प्रकाशित हुआ। एक और कविता संग्रह ‘सुन्योतों ओ पालोप्रोबाहो’ (शून्यता और पंख-प्रवाह/Voidness and Feather–Flow ), 2012 में प्रकाशित हुआ। कविताओं के दो संग्रह ट्रोगोनेर गान (Song of a Trogon ) और जोल्म्यूरेर सतो पालोक (Hundred Feathers of Pheasant-tailed Jacana) 2016 में प्रकाशित हुए । झोल्के ओथा स्वप्नोडंगा (A Gleaming Dreamland ) भी 2016 में प्रकाशित हुआ जिसमें 63 तांग कविताओं का अनुवाद पहली बार बांग्ला में किया गया है। उनकी दो सह-संपादित पुस्तकें हैं: पुथी रहीबो निशानी: हेयात मामूद (कवि हेयात मामूद की जयंती पर एक स्मारक खंड, 2006) और बेगम रोकेया स्मारक (2005) में बेगम रोकेया की जन्म और मृत्यु वर्षगांठ पर एक स्मारक खंड) । गौरांग मोहान्त बांग्लादेश में अतिरिक्त सचिव के रूप में कार्यरत हैं और ढाका में अपनी पत्नी रीना और बच्चे ट्विशा और अप्रतिम के साथ रहते हैं।

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